Concept of Equality

Concept of Equality, For all competitive Exams

समानता का अर्थ 
समानता की गलत धारणा
समानता का सही अर्थ
समानता की विशेषता 
समानता के प्रकार

दोस्तों आज हम राजनीतिक विज्ञान के बहुत ही महत्वपूर्ण पाठ समानता का अध्ययन करेंगे और समानता के सही अर्थ को समझने का प्रयास करेंगे।

जाॅन लाॅक ने कहा स्वतंत्रता मानव का प्राकृतिक  अधिकार है वैसे ही समानता को भी उन्होंने प्राकृतिक अधिकार कि संज्ञा दी।

4 जुलाई 1776  को जब अमेरिका ने अपने स्वतंत्रता कि घोषणा की तो उसने अपने घोषणा पत्र में कहा कि ‘हम इन सत्यों को स्वयं सिद्ध करते हैं कि सभी व्यक्ति समान रुप से प्राकृतिक मे आए हैं। अर्थात अमेरिका ने समानता को वरीयता दी।

ठीक इसी प्रकार 1789 में फ्रांस की राष्ट्रीय सभा ने भी समानता के सिद्धांत को अपनाया और कहा कि जहां तक मान – मर्यादा और अधिकारो का प्रश्न है सभी व्यक्ति जन्म से ही स्वतंत्र और समान है।

इस प्रकार हम देखते हैं कि सभी देशों ने समानता कि बात कही।

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समानता का अर्थ

समानता का यहा पर दो अर्थ लगाया जाता है हम दोनों ही अर्थो को जानेंगे और समानता के सही अर्थ को समझने का प्रयास करेंगे।

समानता की गलत धारणा

समानता की गलत धारणा यह समझता है कि सभी लोगों के साथ एक सा बरताव किया जाए। कुछ विद्वानों ने समानता का यह अर्थ लगाया कि समानता सभी के साथ एक जैसा व्यवहार करना है और इन विद्वानों ने समानता कि आलोचना की। इन का आलोचना करने का मुख्य कारण यही था कि इन्होंने समानता के सही अर्थ को नहीं समझा। इन विद्वानों में मुख्य रूप से लार्ड एक्टन और जूलियन हक्सले थे, इन्होंने समानता कि 3 आधार पर आलोचना की –

(क) प्रकृति ने सब मनुष्य को असमान बनाया है :- इन विद्वानों का मत था कि प्रकृति ने सभी मनुष्य को एक सा नहीं बनाया है। रंग-रूप, बुद्धि – चातुर्य, और शारीरिक बल के आधार पर सभी मनुष्य अलग है इस लिए समानता बनी रहेगी।

(ख) समानता का सिद्धांत अव्यावहारिक, अनुचित, अन्यायपूर्ण :- क्योंकि इन विद्वानों ने समानता का यह अर्थ लिया कि सभी के साथ समान व्यवहार किया जाए इस लिए समानता को उन्होंने अनुचित बताया। उन का कहना था कि क्षमताओं में असमानता की वजह से एक सा बरताव संभव नहीं है। उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि एक प्रतिभाशाली और परिश्रमी व्यक्ति के समान ही एक काहिल और मंदबुद्धि व्यक्ति को परिश्रमिक कैसे दिया जा सकता है। अगर ऐसा किया गया तो यह एक अन्यायपूर्ण व्यवस्था होगी।

(ग) तीसरा तर्क इन विद्वानों ने यह दिया कि लोगों की आवश्यकता में असमानता है, लोगों की शिक्षा और योग्यता में अंतर है और एक कुशल कारीगर तथा मजदूर के वेतन में असमानता तो स्वाभाविक ही है।

इन तीन आधार पर इन विद्वानों समानता के सिद्धांत कि आलोचना की।

समानता का सही अर्थ

 समानता का सही अर्थ यह है कि एक जैसे लोगों के साथ एक-सा व्यवहार किया जाए ना कि यह कि सभी लोगों के साथ एक सा व्यवहार किया जाए। समानता का सिद्धांत ‘निष्पक्षता’ पर बल देता है। समानता कि सिद्धांत यह कहता है कि समाज में सभी व्यक्ति को अपने आत्मविकास के समान अवसर मिलने चाहिए। अवसरों के अभाव में किसी भी व्यक्ति की प्रतिभा, योग्यता अविकसित नहीं रहनी चाहिए। हम कुछ उदाहरणारो के माध्यम से समानता के अर्थ को समझने का प्रयास करते हैं –

शिक्षा के क्षेत्र में समानता :- शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसरों का अर्थ है कि सभी को स्कूल जाने का विरोध शिक्षा प्राप्त करने का मौका मिले।

समानता का अर्थ यह नहीं है कि बच्चों के काम को देखे बिना सभी को पास कर दिया जाए। समानता का यह अर्थ भी नहीं है कि सभी को एक जैसे अंक दे दिए जाए और ना ही समानता का अर्थ यह है कि सभी बच्चों को वैज्ञानिक या इंजीनियर बना दिया जाए सभी अपनी प्रतिभा और योग्यता के आधार पर व्यवसाय करेंगे और वैसे भी समाज में अलग – अलग व्यवसाय वाले लोगों की आवश्कता होती है।

नौकरी में समानता का अर्थ :- यहा समानता का सिद्धांत यह कहता है कि प्रतियोगिता परीक्षा द्वारा केवल उन्हीं लोगों को चुना जाए जो परिक्षा में ज्यादा अंक लाए हो। यहां किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा सब एक समान समझे जाएगे चाहे वह किसी भी जाति, वर्ग, या कुल से हो।

देश के शासन में भाग लेने का अवसर :- यहा समानता का अर्थ यह है कि संपत्ति, लिंग, या अन्य किसी भी आधार पर किसी भी व्यक्ति को मताधिकार से वंचित नहीं किया जाए।

समानता की विशेषता / लक्षण

(1) विशेषाधिकारों की अनुपस्थिति :- विशेषाधिकारों की अनुपस्थिति का अर्थ है कि किसी भी व्यक्ति को वंश, लिंग, जन्म स्थान, राजनीति पद और धन के आधार पर कुछ विशेषाधिकार प्राप्त नहीं होंगे जिनसे दूसरो को वंचित रखा जाए।

उदाहरण –  (क) स्त्रियों को राजनीतिक अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता है क्योंकि वह स्त्री है।

(ख) अश्वेत बच्चों को किसी भी शिक्षा संस्थाओं में प्रवेश से इस आधार पर नहीं रोका जा सकता है कि वह रंग से काला है।

(2) सभी के लिए उचित अवसर :- सभी व्यक्तियों को आत्मविकास के अवसर सुलभ होने चाहिए।

लास्की कहता है कि समाज के सभी लोगों की न्यूनतम आवश्यकताएँ अवश्य पूरी होनी चाहिए। सभी को शिक्षा की सुविधा मिलनी चाहिए तथा किसी भी व्यक्ति की प्रतिभा का नाश नहीं होना चाहिए।

(3) भेदभाव का कोई तर्कसंगत आधार :- वैसे तो समानता का सिद्धांत विशेष सुविधाओं का विरोध करता है लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि किसी  भी व्यक्ति या वर्ग के लिए कोई भी विशेष सुविधा जुटाई ही ना जाए।

सरकार द्वारा अशक्त और विकलांग लोगों, नेत्रहीनों, बहरे बच्चों के लिए कुछ खास तरह के स्कूल बनाए जाते हैं और उनकी शिक्षा पर जो खर्च किया जाता है वह समान्य बच्चों से ज्यादा होता है। लेकिन इसे अवसरों की असमानता नहीं कहेंगे क्योंकि सरकार द्वारा भेदभाव का उचित आधार है।

समानता के विभिन्न प्रकार

राजनीतिक समानता :- राजनीति समानता का अर्थ है कि राजनीतिक दृष्टि से सभी नागरिकों को समान अधिकार मिलने चाहिएँ। अपराधियों, पागलों, बच्चों और दिवालियों को छोड़कर बाकी सभी नागरिकों को मतदान का अधिकार होना चाहिए। पुरुष और महिला के समान  राजनीतिक अधिकार होंगे। लिंग, जाति, धर्म आदि के आधार पर किसी भी व्यक्ति को मताधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता है। राजनीतिक समानता का यह भी अर्थ है कि प्रत्येक व्यक्ति को चुने जाने और सरकारी पद प्राप्त करने का अधिकार है।

नागरिक अथवा कानूनी समानता :- कानून समानता का अर्थ है कि कानून सब कि समान रुप से रक्षा करेगा चाहें कोई व्यक्ति धनी हो या निर्धन, उच्च पद पर हो या निम्न पद पर, स्त्री हो या पुरुष, काला हो या गोरा।

समाजिक समानता :- वंश, मजहब, जाति के आधार पर किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा। किसी भी व्यक्ति को सार्वजनिक भोजनालय, दुकानों, मनोरंजन के साधनों अथवा तालाब कुओं के प्रयोग  से वंचित नहीं किया जा सकता है। स्त्रियों को पुरूषों से कम अधिकार प्राप्त नहीं होंगे। प्रत्येक समुदाय को अपनी भाषा, लिपि तथा संस्कृति को बनाए रखने का अधिकार है।

आर्थिक समानता :- आर्थिक समानता का अर्थ है कि समाज में आर्थिक विषमताएँ कम से कम होनी चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति की न्यूनतम आवश्यकताओं की पूर्ति अवश्य होनी चाहिए। समान कार्य के लिए समान वेतन मिलना चाहिए तथा कठिन, अरूचिकर और जोखिम भरे कार्यो के लिए ज्यादा वेतन मिलना चाहिए। यह सारी बातें आर्थिक समानता में आती है।

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