Democracy | Meaning of Democracy in hindi

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लोकतंत्र, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, लोकतंत्रीकरण की लहरें

 

Meaning of Democracy

लोकतंत्र शब्द ग्रीक शब्द डेमोक्रेसी (Domocracy) का रूपांतरण है,जो दो शब्दों के योग से बना है ‘लोक’ जिसका अर्थ होता है ‘राज्य या राष्ट्र की जनता’ और ‘तंत्र’ का अर्थ होता है, संयम में शासन करना। अतः Democracy का अर्थ हुआ राज्य की प्रभुत्व शक्ति जनता के हाथ में हो। अतः इस शासन – व्यवस्था में शासन की बागडोर प्रजा या उसके representatives के हाथ में होती है। प्रो. सीले (Prof. Seeley) के शब्दों में, “प्रजातंत्र उस सरकार को कहते हैं, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति भाग लेता है।”

1992 में, लोकतंत्र का 2500 वर्ष पूरे विश्व में बड़े उत्साह से मनाया गया। आम तौर पर हम देखते हैं कि राजनेताओं, क्रांतियों व राष्ट्र – स्थापना की वर्षगाँठ मनायें जाते हैं लेकिन 1921 में लोकतंत्र के 2500 वर्ष पूरे होने पर एक उत्सव मनाया गया। 2500 वर्ष पूर्व प्राचीन यूनान में जिस प्रकार का लोकतंत्र व्यवहार में था उस से आधुनिक विश्व में Democracy का रूप प्राचीन Democracy से बिल्कुल अलग हैं। एथेन्स यूनान का वह शहर था, जहाँ लोकतंत्र सबसे स्थिर, कठोर एवं आदर्श रुप में माना जाता था।

प्राचीन यूनानी व्यवस्था में मनुष्य की तीन मुख्य श्रेणियाँ निकाय की सदस्यता से वर्जित थीं, वे थीं – (1) दास, (2) स्त्रियाँ, (3) मैटिक्स।इस प्रकार निकाय के सदस्य अत्यंत सीमित नागरिक ही थे। Democracy के लिए संघर्ष इन्हीं असमानताओं जैसे – जन्म, संपत्ति या राजनीतिक असमानताओं – के विरूद्ध संघर्ष था।

Athenians Democracy  में नागरिकों की सीधी भागीदारी थी। यह सभा वर्ष में लगभग 300 दिन कार्य करती थी। इसमें सब नीतिगत मामलों पर विचार – विमर्श तथा निर्णय होता था। नागरिकों को तय कार्य के लिए विभिन्न कार्यालयी, प्रशासनिक एवं न्यायिक positions हेतु चुना जाता था। इस प्रकार वे सभी Government में प्रत्यक्ष रूप से भागीदार थे।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

Democracy “आधुनिकता की विशेषतासूचक संस्थाओं” में से एक है जो अनेक जटिल सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक व वैचारिक प्रक्रियाओं के सतत अध्ययन का परिणाम है।

ब्रिटेन

ब्रिटेन most advanced लोकतंत्र हैं, क्योंकि इसकी शक्तियाँ पार्लियामेंट के दो सदनों – ‘हाउस आप काॅमन्स’, एक निर्वाचित सभा-गृह के पास आ गई, जो कि पहले ‘क्राॅउन’ के हाथों में थी। राज्य द्वारा प्रदान किए गए विशेष अधिकार अभिजात वर्ग एवं बुर्जुआ वर्ग के गठजोड़ के पास पहुँच गये थे। 1932 के रिफाॅर्म   एक्ट में उच्च मध्यवर्गी के मताधिकार से मताधिकार का विस्तार हुआ। उस के बाद कामगारों को मतदान का अधिकार दिया गया। 19th century के अंत में तीन सुधार अधिनियमों के पश्चात् दो – तिहाई पुरुष मताधिकार दान के प्रत्याशी हो गये। 1929 से पहले महिलाओं को मतदान का अधिकार नहीं था। 1948 में एक व्यक्ति, एक वोट के सिद्धांत के समर्थन के साथ सार्वभौमिक मताधिकार लागू कर दिया गया।

फ्रांस

फ्रांस में लोकतंत्र का आरम्भ 1789 की क्रांति से हुआ। द डिक्लेरेशन आफ द राटस आफ मैन एण्ड सिटीजन’ ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता, धर्म एवं विचार की स्वतंत्रता, सम्पति की सुरक्षा तथा राजनीतिक समानता के अधिकारों की घोषणा की। 1791 के संविधान के अनुसार वोट देने का अधिकार सम्पत्ति के आधार पर था, जिसके अनुसार घरेलू नौकर, बेघर व्यक्ति एवं भिखारी वोट नहीं दे सकते थे। इस प्रकार 1791 में 40 लाख पुरुषों ने वोट दिए उसके चार वर्ष बाद सम्पति की शर्तें और अधिक प्रतिबन्धात्मक हो गई, जिससे केवल एक लाख सम्पन्न करदाता ही वोटर लिस्ट में शामिल किए गए। 1848 की क्रांति के बाद सार्वभौम पुरूष मताधिकार एवं अंतत : 1946 में महिलाओं को मताधिकार मिला।

संयुक्त राज्य अमेरिका

संयुक्त राज्य अमेरिका में गृह – युद्ध के बाद 20वीं शताब्दी तक महिलाओं और अश्वेतो को मताधिकार नहीं मिला था। 1776 में जारी दस्तावेज ‘डिक्लेरेशन आफ इण्डिपेण्डेन्स’ ने उस देश में Democracy को लागू किया। वास्तव में अमेरिकी क्रांति ने ही आधुनिक विश्व को सर्वप्रथम लोकतंत्र सरकार और समाज प्रदान किया। एकतंत्र और अभिजात तंत्र के स्थान पर गणतंत्र सरकार लाई, जिसमें सभी नागरिक सैद्धांतिक रूप से समान थे। सरकार की तीन शाखाओं – executive, legislative and judicial के बीच शक्ति का विभाजन भी हो गया।

लैवलर्स, जाॅन लाॅक एवं टाॅमस पेन के राजनीतिक विचारों तथा ‘फ्रैंच डिक्लेरेशन आफ द राइट्स आफ मैन. (1789)’ व ‘अमेरिकिन डिक्लेरेशन आफ इण्डिपेण्डेन्स’. (1776) ने आधुनिक विश्व में लोकतंत्र को मजबूत करने वाले विचारों एवं सिद्धांतों को व्यक्त किया।17th century के इंग्लैण्ड में लैवलर्स ने जनप्रिय स्वायत्त एवं नागरिक स्वतंत्रताओं की एक उग्र अवधारणा को गति प्रदान की।

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जाॅन लाॅक ने अपनी पुस्तक ‘सेकण्ड ट्रीटाइज आन गवर्नमेंट  (1681) में सृष्टि के नियम द्वारा नियंत्रित प्रकृति की काल्पनिक अवस्था के बारे में लिखा है, जिसके अनुसार किसी भी व्यक्ति को जीवन, स्वास्थ्य, स्वामित्व की दृष्टि से अन्य व्यक्ति को nuksan नहीं पहुँचाना चाहिए।

उनके अनुसार प्राकृतिक रूप से सभी मनुष्य समान हैं एवं स्वतंत्र हैं। इस समानता का कारण यह है कि सभी god की संतान हैं। इस कारण व्यक्ति दूसरों को अपने अधिकारक्षेत्र में जबरन प्रवेश करने से रोकने या बदला लेने के लिए इस नियम को लागू कर सकता है। यदि government उन उद्देश्यों को पूरा करने में असफल रहती हैं, जिनको लेकर वह बनाई गई थी, तो जनता को उसका विरोध करने व बदल डालने का अधिकार हैं। यही  liberal democracy का आधार है।

रूसो के लिए representative government पर्याप्त नहीं थी एवं स्वतंत्र सरकार का एकमात्र रूप प्रत्यक्ष लोकतंत्र था, जिसमें नागरिकों की सीधी भागीदारी होती है। शासन में नागरिकों के सीधी भागीदारी के मार्ग में निम्नलिखित बाधाएं थीं – (1) सम्पत्ति की असमानता, (2) विशाल राजनीतिक समुदाय, जबकि छोटे राज्य के संदर्भ में Democracy हेतु आदर्श परिस्थितियाँ थीं।

liberal democracy राज्य के एक सिद्धांत के रूप में उदारवाद को सरकार के एकरूप में लोकतंत्र से जोड़ता है। 20वीं शताब्दी में लोकतंत्र को विस्तार से देखा गया।

लोकतंत्रीकरण की लहरें 

प्रथम लहर – 19th century में अनेक यूरोपीय देशों में लोकतांत्रीकरण।

द्वितीय लहर – First World War के बाद यूरोप के अनेक देश स्केण्डेनेविया के देशों के साथ लोकतांत्रिक हो गए।

तृतीय लहर- second world war उपरांत नाजीवाद व फासीवाद की समाप्ति के साथ जर्मनी व इटली में ने लोकतंत्र की स्थापना हुई।

चतुर्थ लहर – Democracy से मुँह मोड़ चुके पूर्वी यूरोप तथा अमेरिकी देशों में लोकतंत्र का पुनरीकरण हुआ।

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