First World War | Reasons of first world war

  

First World War |Reasons of first world war 

प्रथम विश्व युद्ध के कारण

 प्रथम विश्व युद्ध

* शुरुआत

* कारण

* परिस्थितियाँ /पृष्ठभूमि

शुरुआत :- प्रथम विश्व युद्ध की शुरुआत 28 जुलाई 1914  में हुई जब आॅस्टिया-हंगरी द्वारा सर्बिया पर युद्ध की घोषणा की गई। उस के बाद इस युद्ध में अन्य देश भी शामिल हो गए जिस के बाद इसे विश्व युद्ध की संज्ञा दे दी गई।

इस विश्व युद्ध में दो गुटों के बीच युद्ध चल रहा था –

मित्र राष्ट्र :- फ्रांस, ब्रिटेन साम्राज्य, रूस। यह सब देश सर्बिया के समर्थक थे। 1915 में इटली भी इस युद्ध में शामिल हो गया और वह मित्र राष्ट्रो की ओर से लड़ा। इस के बाद इस युद्ध में अन्य कई छोटे देश शामिल हो गए, अमेरिका काफी समय तक युद्ध से अलग रहने के बाद 1917 में वह भी युद्ध में शामिल हो गया।

केंद्रीय शक्तियां :- जर्मनी, आस्टिया  हंगरी, तुर्की।

बाद में जापान भी इस युद्ध में शामिल हो गया।

नवम्बर 1918 में जर्मनी द्वारा बिना किसी शर्त के आत्मसमर्पण के बाद प्रथम विश्व युद्ध समाप्त हो गया।

नवम्बर 1917  में जब रुस में बोल्शेविक क्रान्ति हुई तो रुस प्रथम विश्व युद्ध से अलग हो गया।

कारण /पृष्ठभूमि

आॅस्टिया – हंगरी द्वारा सर्बिया पर युद्ध की घोषणा के साथ ही प्रथम विश्व युद्ध की शुरुआत हुई लेकिन यह युद्ध का केवल तात्कालिक कारण था इस के अलावा भी ऐसे अनेक कारण थे जिन्होंने प्रथम विश्व युद्ध को जन्म दिया।

(1) राष्ट्रवाद :- उस समय अनेक देशों में राष्ट्रवाद की भावना का विकास हो रहा था जिस ने इस युद्ध के लिए वातावरण तैयार किया इस के अलावा उस समय तुर्की का विखंडन हो गया था, बाल्कन का स्वतंत्र होना और इन सब से अधिक श्रेष्ठता की भावना का जन्म लेना जिस की वजह से अपने को श्रेष्ठ साबित करने की ललक ने युद्ध के लिए पृष्ठभूमि तैयार की।

(2) आर्थिक साम्राज्यवाद :- ब्रिटेन में हुए आर्थिक क्रान्ति तथा यूरोप में हुए औद्योगिकरण ने कच्चे माल की आवश्यकता बढ़ा दी उस के बाद बने हुए माल को बेचने के लिए बाजार की आवश्यकता ने  साम्राज्यवादी नीति के विस्तार को जन्म दिया जिस के बाद ब्रिटेन तथा यूरोप में साम्राज्यवाद के लिए प्रतिद्वंद्विता का जन्म हुआ जिस ने प्रथम विश्व युद्ध को जन्म दिया।

(3) गुप्त संधिया :- उस समय सभी देश एक दूसरे के विरोध में गुप्त संधिया बना रहे थे जिस से वह एक दूसरे को  संदेह की दृष्टि से देखने लगे गए यह भी युद्ध का कारण बना। ऐसी ही एक संधि जर्मनी, आॅस्टिया, हंगरी  ने रूस के विरूद्ध की थी।

(4) सैन्यवाद :- उस समय जो गुप्त संधिया चल रही थी उन का उद्देश्य सैन्यशक्तियो को बढ़ाना था। उस समय सभी को नेपोलियन के सैना का भय था उस के जवाब में अन्य देशों ने भी अपनी सैन्य शक्ति को मजबूत करना शुरू किया जिस की वजह से शस्त्रों की होड़ शुरू हो गई और युद्ध की शुरुआत हुई।

(5) ब्रिटेन,जर्मनी नौसैनिक प्रतिद्वंद्विता :- 19वीं शताब्दी तक ब्रिटेन सर्वशक्तशाली था। उस समय जर्मनी के सम्राट – विलियम द्वितीय थे उन्होंने जर्मन नौसेना का विस्तार करना शुरू किया इस विस्तार ने ब्रिटेन और जर्मनी के बीच प्रतिद्वंद्विता को जन्म दिया यह प्रथम विश्व युद्ध का कारण बना।

(6) अन्तरराष्ट्रीय संगठनों का आभाव :- यूरोपीय व्यवस्था की स्थापना की गई थी परंतु यह एक अनौपचारिक संगठन था। हालांकि यूरोपीय व्यवस्था ने  7 बार युद्ध को रोका उस के बाद भी कई छोटे-बड़े युद्ध होते रहे। इस प्रकार अन्तरराष्ट्रीय संगठनों के अभाव ने प्रथम विश्व युद्ध को जन्म दिया।

(7) समाचार पत्र पत्रिकाओं की नकारात्मक भूमिका :-

उस समय की देशों द्वारा मित्रता के प्रयास किए गए परंतु मीडिया द्वारा एक देश का दूसरे के प्रति शत्रुतापूर्ण प्रचार – प्रसार किया गया और इस न हिन-भावन को जन्म दिया और प्रथम विश्व युद्ध की शुरुआत हुई।

(8) व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाएं (नेता) :- कैसर विलियम द्वितीय किसी भी समझौते के लिए तैयार नहीं था उस ने यूरोप तथा जर्मनी को अपने अधीन करने का प्रयास किया। वहीं दूसरी ओर रूस तथा आॅस्टिया के शासक भी महत्वाकांक्षी थे।

(9) तत्कालीन कारण:- आॅस्टिया, हंगरी तथा सर्बिया की प्रतिद्वंद्विता। आॅस्टिया और हंगरी द्वारा सर्बिया पर हमला करने के साथ  ही युद्ध की शुरुआत हुई। आॅस्टिया और हंगरी स्लाव देश पर कब्जा करना चाहते थे वहीं दूसरी और सर्बिया स्लाव के राष्ट्रवाद का प्रतीक तथा संप्रभुता का समर्थक था इस प्रतिद्वंद्विता ने प्रथम विश्व को जन्म दिया और 28 जुलाई 1914  को युद्ध की शुरुआत हुई और नवम्बर 1918 में जर्मनी द्वारा बीना किसी शर्त के आत्मसमर्पण के साथ युद्ध समाप्त हो गया।

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