Types of Democracy in hindi

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Types Of Democracy

 

लोकतंत्र के प्रकार

Democracy जीवन का एक तरीका है। यह विभिन्न विचारधाराओं का एक सर्वमान्य रूप है। लोकतंत्र को शासन के अतिरिक्त निम्नलिखित विभिन्न रूपों में प्रस्तुत किया जा सकता है :

(1) प्रतिनिधि लोकतंत्र
(2) सहभागितापूर्ण लोकतंत्र
(3) मंत्रणात्मक लोकतंत्र
(4) सामाजिक लोकतंत्र
(5) सार्वभौमिक लोकतंत्र

(1) Representative democracy- एवं उसके समालोचक – प्रत्यक्ष लोकतंत्र बहुत बड़े और जटिल समाजों में सम्भव नहीं होता, क्योंकि सभी नागरिक निर्णय प्रक्रिया में सीधी भागीदारी नहीं कर पाते। इसलिए अपने मनोरथों एवं आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए वे अपने प्रतिनिधि चुनते हैं।

HobsLock के लिए प्रतिनिधि सरकार एक ऐसी सरकार है, जो लोगों द्वारा उनकी ओर से कार्य करने के लिए अधिकृत होती है। Rousseau की दृष्टि में प्रतिनिधियों के मत तथा हित कभी भी अपने लोगों से पृथक नहीं हो सकते, इसलिए राज्य पर सम्पूर्ण सता नागरिकों एवं उनकी आम इच्छा के हाथों में होनी चाहिए। वर्तमान में Democracy प्रेरणा के क्रियान्वयन का सबसे अच्छा उपाय बहुमत सिद्धांत पर आधारित representative government है। किन्तु प्रतिनिधि लोकतंत्र की आलोचना भी कुछ विचारकों ने की है।

शुम्पीटर व संभ्रांत सिद्धांतवादी – इस दृष्टिकोण के मानने वाले प्रतिनिधिक सरकार को unrealistic मानते हैं। उनके अनुसार सम्प्रभुता उन लोगों के हाथों में होती है, जो व्यक्तियों को एक ऐसी सभा हेतु चुनते हैं, जहाँ उनके मनोरथ पूर्ण किए जा सकें। वे तर्क प्रस्तुत करते हैं कि Democracy लोकप्रिय प्रभुसत्ता विषयक नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य नेताओं को चुनना है।

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(2) Participation democrat – इस दृष्टिकोण के मानने वाले Democracy को अपर्याप्त मानते हैं। वास्तव में प्रतिनिधिक लोकतंत्र को मानने वाले यह दलील देते हैं कि इसका मुख्य उद्देश्य प्रत्याशियों के विशाल समूह में कुछ नेताओं को चुनना है, जो कि व्यक्तियों के votes के लिए संघर्ष करते हैं। लोग केवल किसी नेता विशेष को अपना समर्थन मात्र देते हैं। यथार्थ में नेतृत्व ही मुख्य परिचालक – बल है। Democracy का “यथार्थवादी” सिद्धांत है।

Participatory democracy रूसो का सिद्धांत नागरिकों के बीच परस्पर निर्भरता पर आधारित है। उनके अनुसार कोई भी राजनैतिक निर्णय नागरिकों की भागीदारी पर निर्भर करता है। भागीदारी नागरिकों के हितों की रक्षा करने तथा अच्छी सरकार बनाने के साधन के रूप में महत्वपूर्ण है। मिल का आदर्श राज शासन democratic government ही है, जिससे नागरिक सक्रिय होती है।

व्यक्ति अपने स्वार्थों से निकलकर जनहित का ध्यान रखता है, निर्णय लेता है। इस प्रकार स्थानीय Democratic संस्थाएं राजनीतिक क्षमता की पाठशाला होती हैं। प्रत्यक्ष सहभागितापूर्ण लोकतंत्र विशाल जनसभा में सम्भव नहीं है, फिर भी Carole Petman व Benjamin बारबर सहभागितापूर्ण लोकतंत्र का समर्थन करते हैं। इससे स्थानीय लोकतंत्र को मजबूत किया जा सकता है। नागरिकों को सामुदायिक कार्यों एवं गतिविधियों में सक्रिय तथा राजनैतिक रूप से वचनबद्ध करने के लिए नागरिक शिक्षा प्रदान की जानी चाहिए, जिससे जनाधिकारी सता का misused न कर सकें।

(3) Mntrnatmk democracy – मंत्रणात्मक लोकतंत्र लोगों को स्वतंत्र व्यक्तियों के रूप में देखता है, किन्तु इनके बीच social relationships को नज़रअंदाज करता है। यह सार्वजनिक महत्व के मसलों पर सार्वजनिक विचार – विमर्श पर बल देता है। यह लोगों में social relations के स्थान पर यह मानता है कि वे स्पष्ट तर्क एवं विश्वास के द्वारा एक – दूसरे से संबंधित हैं एवं एक – दूसरे को प्रभावित करते हैं।

यह self-governance के लिए लोगों की क्षमता को महत्व देता है। यह नागरिकों तथा राजनीतिज्ञों के मध्य श्रम के राजनैतिक विभाजन को मान्यता देता है। mntrnatmk Democracy  राजनीतिक सत्ता का सर्वोत्तम आधार दृढ़ करने के विश्वास को मानता है।

(4) Social Democracy –  सामाजिक लोकतंत्र उदारवाद की तुलना में अधिक समतावादी है, तथापि मार्क्सवादी लोकतंत्र की अपेक्षा कम क्रांतिकारी है। यह समानता के प्रति दृढ़ प्रतिज्ञा पर टिका हुआ है। Social democracy, प्रतिनिधि लोकतंत्र की उदारवादी संस्थाओं में विश्वास करने के साथ उन्हें सामाजिक न्याय के साथ जोड़ने का भी आकांक्षी है।

वस्तुतः यह Democracy और Socialism के बीच की व्यवस्था है। यह मूल रूप से समानता हेतु परिस्थितियाँ पैदा करना चाहता है, जिससे सभी नागरिक अपने – अपने अधिकारों का उपयोग समान रूप से कर सकें। यदि लोग दरिद्रता, अश्क्तता या alpasnkykta किसी भी कारण से अपनी निजी योजनाओं को पूर्ण कर पाने में सक्षम नहीं हैं, तो इन बाधाओं को दूर करना भी राज्य का कर्तव्य है। social Democracy महिलाओं, वृद्धों, कामगारों, संस्कृतिक अल्पसंख्यक वर्गों के कल्याण हेतु वातावरण पैदा करता है।

(5) Universal democracy – आर्थिक व सांस्कृतिक भूमण्डलीकरण के विकास के साथ लोकतंत्र का क्षेत्र भी विस्तृत हो गया। सार्वभौम लोकतंत्र राजनीतिक सिद्धांतवादियों द्वारा भूमण्डलीकरण के कारण विकसित हुआ है। यह उस भूमण्डलीकरण सभ्य समाज की ओर इंगित करता है, जो ‘नीचे से Globalization‘ की घटना द्वारा रचित हो रहा है। इसके दो उदाहरण हैं – नारी आंदोलन तथा पर्यावरण आंदोलन। दूरसंचार और इंटरनेट ने संसार को जोड़ दिया है। WTO के अधिकांश सदस्य developing देश हैं। अत : यह संगठन अधिक सम्पन्न राष्ट्रों एवं उनके हितों के प्रति निरंतर सजग है।

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